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विद्युत दरों में पुनः वृद्धि से उद्योगों को लगा करारा झटका
November 30, 2019 • सतोपथ एक्सप्रेस • देश

विद्युत दरों में पुनः वृद्धि से उद्योगों को लगा करारा झटका। 

- विद्युत दरें बढ़ने से उद्यमी हुए परेशान। 

- विद्युत दरें बढ़ने से आम आदमी पर भी बड़ा प्रभाव। 

- उद्यमियों ने सरकार से बड़ाई गई विद्युत दरें वापस करने का अनुरोध किया है।  

 

  • मो आरिफ सितारगंज

 

पहले से ही प्रदेश में आर्थिक मंदी की मार झेल रहे उद्योगों को बिजली की कीमतें बढ़ने से एक और झटका लगा है। सरकार हर वर्ष 1 मार्च से विद्युत दरें बढाती आई है लेकिन इस बार सरकार ने दो बार विद्युत दरें बढ़ाकर उद्यमियों के साथ आम जनता की भी कमर तोड़ दी है। इस संबंध में उद्यमियों का कहना है कि सरकार का यह कदम उद्योगों की कमर तोड़कर रख देगा। इससे उद्योगों का चलना मुष्किल हो जायेगा और अगर उद्योग नहीं चलेंगे तो बेरोजगारी भी बढ़ेगी। वैसे तो सरकार हर साल अप्रैल में बिजली की दरें बढ़ाती है। इस वर्ष भी एक अप्रैल को विद्युत की दरें बढ़ाई गई थीं। बाबजूद इसके एक अक्टूबर को दोवारा दरें बढ़ा दी गईं। प्रदेश के उद्योग बेहद मंदी के चलते पहले ही संकट के दौर से गुजर रहे हैं। सरकार के विद्युत दरें बढ़ाने के बाद तो उद्योगों की कमर ही टूट गई हैं।उद्यमियों की मानें तो विद्युत दरें बढ़ने से  कुछ उद्योगों का विद्युत बिल तो 50 से 60 लाख तक बढ़ गया हैं। सितारगंज सिडकुल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ जाने से माल को बेचने में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में तैयार माल का बाजार न होने से ट्रांसपोर्ट में लागत ज्यादा आती है। जिस वजह से पहले से ही उद्योग संकट में चल रहे हैं। लेकिन अब बिजली की दरें बढ़ाई गई तो उत्तराखंड के उद्योग प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जायेंगे और धीरे-धीरे बीमार हो जायेंगे। उनका कहना है कि आटोमोबाइल व अन्य उद्योगों में मंदी के कारण हजारों मजदूर अब तक बेरोजगार हो गये हैं। अब इस तरह के आर्थिक कदम उद्योगों की कमर तोड़ कर रख देंगे। साथ ही नये उद्योग भी राज्य से किनारा कर लेंगे। ऐसे में बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो जायेगी। उन्होंने बताया कि यहां की इंडस्ट्रीज अन्य राज्यों की तुलना में तैयार माल उनके कंपटीशन में बेचने में सक्षम नहीं है यदि इसी तरह का हाल रहा तो यहां की इंडस्ट्री बंद हो जाएंगी। जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से राज्य व उद्योगों के हित में विद्युत दरों में वृद्धि को तत्काल वापस लेने का अनुरोध किया है।