ALL समाचार मनोरंजन खेल अध्यात्म देश दुनिया ब्रेकिंग राज्य ज्योतिष BUSINESS
श्रीगोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की चिकित्सकीय टीम रवाना
December 4, 2019 • सतोपथ एक्सप्रेस • देश

 

एम्स ऋषिकेश प्रेस                                                              भारत - नेपाल सीमा पर शुक्रवार से आयोजित होने वाली       श्रीगोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की चिकित्सकीय टीम रवाना हो गई, जहां एम्स के चिकित्सक सीमा से सटे उत्तरप्रदेश के विभिन्न जनपदों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।            बुधवार को एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने संस्थान से पांच सदस्यीय चिकित्सकीय दल को भारत-नेपाल सीमा पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए रवाना किया। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि टीम छह से आठ दिसंबर के मध्य भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तरप्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की स्वास्थ्य टीम उत्तराखंड के अलावा उत्तरप्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर आदि सीमावर्ती राज्यों में लंबे अरसे से सततरूप से नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।                                        टीम का नेतृत्व कर रहे समन्यक डा. विनोद ने बताया ​कि नेपाल सीमा से सटे थारू जनजातियों व अन्य गरीब और मरीजों के स्वास्थ्य सबं​धित  दिक्कतों का समाधान करेगी। उन्होंने बताया कि एम्स की टीम छह दिसंबर को गुरु गोरखनाथ यात्रा पर निकलेगी, इस यात्रा में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ व अयोध्या मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक भी खासतौर से शामिल होंगे।                                                        शुक्रवार से भारत नेपाल सीमा पर आयोजित होने वाली तीन दिवसीय स्वास्थ्य सेवा यात्रा में टीम दोनों देशों की सीमा से सटे महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर, बहराइच,स्रावस्ती व बलरामपुर जनपद में रहने वाले थारू जनजाति के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। साथ ही इस दौरान नेपाल के कैलाली जिले के कुछ मरीजों को भी यात्रा में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।                                                                             शिविर में थारू जनजाति के लोगों के रक्त के नमूने लेकर आनुवांशिक बीमारियों पर शोध किया जाएगा, बताया ​कि इस जनजाति में थैलीसीमिया, सिकिलसेल, अनीमिया जैसी बीमारियां अधिक पाई जाती हैं। एम्स की टीम में डा. विनोद के अलावा कॉर्डियोलॉजी विभाग के डा. रविराज, नेत्र रोग विभाग के डा. निशांत, मेडिसिन से डा. मनु, इमरजेंसी मेडिसिन से डा. हिमांशी शामिल हैं।