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पान के पत्ते का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक-वैद्य एमआर शर्मा
May 25, 2020 • सतोपथ एक्सप्रेस • समाचार

विक्की सैनी
पान के पत्ते का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक-वैद्य एमआर शर्मा
 
हरिद्वार, 25 मई। श्री गुरू कृपा औषधालय के स्वामी वैद्य एमआर शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। परंतु इससे घबराने की आवश्यकता नही है। सतर्कता ही बचाव है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी को अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की आवश्यकता है। समय समय पर गर्म पानी पीने के साथ साथ फलों का सेवन भी प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले व्यक्ति को पान के पत्ते का चबाना चाहिए क्योंकि जब मुह द्वारा सांस ली जाती है तो मिट्टी आदि के छोट बड़े कण हमारी श्वास नलिका में पहंुचते जाते हैं। उन्होंने बताया कि पान का सेवन करने के बाद एक परत हमारी अन्तर कोशिकाओं में चढ़ जाती है। जिससे श्वांस द्वारा अन्दर पहुंचे मिट्टी के अति सूक्ष्म कण भी उसी परत पर जमा होकर नष्ट हो जाते हैं। और हमारे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही औषधीय गुणों के आधार पर पान के पत्ते का सेवन किया जाता है। पान के पत्तों मे टाॅक्सिन को खत्म करने से लेकर एंटीआॅक्सीडेंट गुण होते हैं। जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। माइक्रोबियल गुणों से युक्त पान के पत्ते खांसी के संक्रमण को दूर कर गले को साफ करता है। साथ ही पाचन इंजाइमों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। जिससे पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि तमाम औषधीय गुणों के आधार पर यह एक अदभुत जड़ी बूटी है। जिससे अनेक प्रकार के रोगों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों का पालन करते हुए दूसरों को भी कोरोना के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। वास्तव में सतर्कता ही असली बचाव है। इस दौरान गुरू कृपा औषधालय की ओर से गरीब व निराश्रित परिवारों को सब्जियां व फल वितरित किए गए। गुरू सेवक वैध एमआर शर्मा ने कहा कि लाॅकडाउन के चलते किसी भी गरीब को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। गुरू कृपा औषधालय की ओर से लगातार खाद्य सामग्री व राशन वितरित किया जा रहा है। और आगे भी सेवा के प्रकल्पों के माध्यम से गरीबों की सेवा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
 
 
 
 
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