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निर्मल अखाड़े की छवी को धूमिल करने का किया प्रयास संतो ने जताया कड़ा विरोध
May 10, 2020 • सतोपथ एक्सप्रेस • समाचार
  • निर्मल अखाड़े की छवी को धूमिल करने का किया प्रयास
    संतो ने जताया कड़ा विरोध

विक्की सैनी

हरिद्वार,

 

श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार अखाड़े की छवि को खराब करने का प्रयत्न कर रहे हैं। लुधियाना में हेरोइन तस्करी के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए भगवान सिंह को संरक्षण देने वाले लोग हरिद्वार में अखाड़े की संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा कर खुर्दबुर्द कर करने का प्रयास कर चुके हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व हरिद्वार के संत समाज के सहयोग से अखाड़े ने इनके मंसूबों को नाकामयाब कर दिया था। ऐसे असामाजिक तत्वों को संत कहना ही संत महापुरूषों की छवि को धूमिल करने जैसा है। उन्होंने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि समाचार प्रसारण व प्रसारित करने से पूर्व सभी तथ्यों की भलीभांति जांच कर लेनी चाहिए। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की महान संत परंपरा व विरासत रही है। देश भर में अखाड़े के लाखों करोड़ों अनुयायी हैं। गलत तथ्यों के प्रसारित होने से उनकी भावनाएं भी आहत होती हैं। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने पंजाब के लुधियाना में हेरोइन तस्करी में गिरफ्तार हुए कथित डेरा मुखी का श्री निर्मल पंचायती अखाड़े से संबंध जोड़े जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी है। कनखल स्थित श्री निर्मल पंचायती अखाड़े में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि लुधियाना में पुलिस द्वारा हेरोइन तस्करी में एक कथित डेरा मुखी भगवान सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जिसे निर्मल अखाड़े से संबंधित बताया जा रहा है। जबकि नशे कारोबार में लिप्त कथित गिरफ्तार किए गए कथित डेरा मुखी भगवान सिंह का श्री निर्मल पंचायती अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया भगवान सिंह संत नहीं है। संत का चोला धारण कर समाज को भ्रमित करने वाला भगवान सिंह श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल पर कब्जा करने के प्रयास करने वाले गुट से संबंधित है। पिछले दिनों हरिद्वार में कनखल स्थित अखाड़े व अखाड़े की एक्कड़ कलां शाखा तथा निर्मला छावनी पर अवैध रूप से कब्जा करने के जो प्रयास किए गए थे। उसमें भी भगवान सिंह सक्रिय रूप से शामिल रहा है। ऐसे में उसे श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल से जोड़ा जाना पूरी तरह गलत है। इससे अखाड़े की छवि धूमिल होने के साथ संतों की मान मर्यादा को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस को भी इस तथ्य से अवगत करा दिया गया है। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल महान संत महापुरूषों की तपस्थली रहा है तथा सदैव ही मानव कल्याण के कार्यो में योगदान करता रहा है। देश भर में स्थित अखाड़े की सभी शाखाएं धर्म प्रचार व सेवा कार्यो में योगदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संत का चोला धारण कर आपराधिक कृत्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को अखाड़े में घुसने नहीं दिया जाएगा। महंत अमनदीप ंिसह महाराज व सतनाम सिंह महाराज ने कहा कि संत के चोले में मादक पदार्थों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वालों का अखाड़े से कोई लेना देना नहीं है। अखाड़े की छवि व परंपराओं को धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान मौजूद रहे महंत खेमसिंह, संत सुखमन ंिसह, संत निर्मल सिंह, संत झण्डा सिंह, संत रामस्वरूप सिंह आदि सहित सभी संतों ने एक असामाजिक तत्व का संबंध अखाड़े से जोड़े जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।