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लॉक डाउन के चलते फूलों की खेती करने वाले किसानों पर मंडराया आर्थिक संकट
April 4, 2020 • सतोपथ एक्सप्रेस • समाचार

  • लॉक डाउन के चलते फूलों की खेती करने वाले किसानों पर मंडराया आर्थिक संकट

जहाँगीर मलिक

हरिद्वार:लॉक डाउन के चलते फूलों की खेती करने वाले किसानों पर मंडराया आर्थिक संकट फूलों को तोड़कर कूड़े में फेकने को मजबूर सरकार से की मुआवजे की मांग हरिद्वार

हरिद्वार में फूलों की खेती करने वाले किसानों का इस वक़्त सीजन का समय रहता है क्योंकि शादियों के साए और नवरात्रों में फूलों की डिमांड बढ़ जाती है मगर कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लोक डाउन लगाया गया है जिस वजह से फूलों की मंडी भी नहीं खुल पा रही है इससे फूलों की खेती करने वाले किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है किसानों का कहना है कि पूरा भारत लोक डाउन की वजह से बंद है इससे हमें काफी नुकसान हुआ है हमें उम्मीद थी इस महीने और अगले महीने शादियों का सीजन है इससे फूलों डिमांड बढ़ेगी मगर लोक डाउन होने की वजह से सभी फूलों की मंडी बंद है इसी कारण हम फूलों को तोड़कर कूड़े में फेंकना पड़ रहा है अगर हम फूलों को तोड़ेगे नहीं तो हमारा फूलों का प्लांट भी खत्म हो जाएगा इस वजह से हमें काफी नुकसान भी हो रहा है फूलों की खेती करने वाले हर किसान का दो-तीन महीने में ढाई से तीन लाख का नुकसान है हम सरकार से चाहते हैं के जब प्राकृतिक आपदा आती है उस वक्त गेहूं गन्ने और अन्य प्रकार की फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जाता है इसी तरह फूलों की खेती करने वालों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए।

 

वहीं हरिद्वार जिलाधिकारी सी रविशंकर का कहना है कि शासन और हमारे द्वारा निर्देश जारी किया गया है जो किसान खेती कर रहा है उसको हम को बढ़ावा देना है उनको किसी प्रकार से रोका नहीं जा रहा है अगर इन किसानों के फूलों की खराब होने की स्थिति है तो हमारे द्वारा फूलों के किसानों को फूल बेचने की परमिशन दी गई है हम लोगों से अपील करते हैं अगर उनको कोई कठिनाई आ रही है तो हमको बताएं हम उनको पास जारी करेंगे हमारे द्वारा सभी चेक पोस्टों पर निर्देश दिए गए हैं इनको रोका ना जाए और अन्य राज्य के बॉर्डर से भी हम वार्ता कर रहे हैं फूलों की फसल बर्बाद होने पर हम विचार कर रहे है इसके साथ ही अगर बेरोजगारी बढ़ रही है तो मुख्यमंत्री राहत कोष से हमें 3 करोड रुपए दिए गए हैं अगर यह किसान उस श्रेणी में आयेगे तो इनकी भी मदद की जाएगी