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लोगों को रोजगार और रोग बांटती सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं 
November 29, 2019 • सतोपथ एक्सप्रेस • देश

लोगों को रोजगार और रोग बांटती सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं

फैक्ट्री के जल, वायु और ध्वनि प्रदुषण से क्षेत्रवासियों का जीवन बना नरक

ऐजाज हुसैन

लालकुआं। 
सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं की स्थापना से जहां क्षेत्र के लोगों को रोजी-रोजगार मिला, वहीं इस फैक्ट्री के द्वारा क्षेत्र में फैलाए जा रहे जल, वायु और ध्वनि प्रदुषण से क्षेत्रवासी रोगों का शिकार होकर नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। फैक्ट्री प्रदूषण के खिलाफ बीते वर्षों में क्षेत्रवासियों के तमाम आंदोलनों से भी प्रदूषण की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका है। एक बार फिर से आंदोलन जारी है।  जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा आंदोलनकारियों की मांग पर प्रदुषण की जांच के लिए एक कमेटी बनाकर उससे जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। 
बताते चलें कि अस्सी के दशक में जनपद नैनीताल के लालकुआं में बिरला ग्रुप द्वारा सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल की स्थापना की गई थी। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के अथक प्रयासों से यह फैक्ट्री यहां लग सकी थी। इस फैक्ट्री की स्थापना से पूर्व ही यहां लालकुआं, बिन्दुखत्ता में काफी आबादी बस चुकी थी। उस समय पहाड़ एवं मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आकर यहां  बसे थे। उन्हें उम्मीद थी की आने वाले समय में उन्हें इस फैक्ट्री के लगने से रोजी-रोजगार मिलेगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस फैक्ट्री के लगने से उन्हें रोजगार तो अवश्य मिला, लेकिन साथ ही इस फैक्ट्री के लगने से यहां का स्वच्छ वातावरण भी प्रदुषण की चपेट में आता चला गया। और लोग असमय ही रोगों की चपेट में आते गए।
स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के द्वारा क्षेत्र में जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण बहुतायत में फैलाया जा रहा है। जिसके चलते उनका जीवन अब नारकीय बन गया है।
उनका आरोप है कि सेंचुरी पेपर मिल के प्रदूषण से लालकुआं, बिन्दुखत्ता समेत आस-पास की हजारों की आबादी बुरी तरह प्रभावित है। इस फैक्ट्री के द्वारा क्षेत्र में छोड़े जाने वाले कैमिकल युक्त जल से यहां के कई क्षेत्रों में भूमिगत पानी की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि लोग प्रदूषित पानी पीकर जलजनित रोगों का शिकार हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सेंचुरी मिल से निकलने वाली बदबूदार गैस से वह इस कदर परेशान हैं कि सांस लेते हुए भी घबराते हैं। इसके अलावा  उनका यह भी कहना है कि सेंचुरी मिल से रह-रहकर निकलने वाली तेज ध्वनि से उनका जीवन दुश्वार हो गया है।
वहीं बताते चलें कि वर्ष 2018 में एनजीटी ने भी सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल लालकुआं  को क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार मानते हुए फैक्ट्री पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है।  
वहीं सेंचुरी पेपर मिल के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस वर्ष फैक्ट्री के खिलाफ क्षेत्रवासियों का धैर्य जवाब दे गया और सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए  लालकुआं तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने फैक्ट्री के प्रदूषण के खिलाफ जमकर धरना-प्रदर्शन किया   और  उपजिलाधिकारी हल्द्वानी को एक ज्ञापन सौंपाकर प्रदुषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर उपजिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन फैक्ट्री के प्रदूषण की जांच कराएगा। इसके बाद आंदोलनकारी  जिलाधिकारी सविन बंसल से भी मिले। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उपजिलाधिकारी हल्द्वानी की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जिसमें वन विभाग, एसटीएच, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आदि शामिल थे। बीती 15 सितंबर तक जांच पूर्ण करने की डेड लाईन भी जारी कर दी गई थी। जिसके बाद इसी माह जांच कमेटी से संबंधित  अधिकारियों ने  लालकुआं तहसील सभागार में  क्षेत्रवासियों के साथ एक बैठक की।
जिसमें सेंचुरी पेपर मिल प्रदूषण के खिलाफ आंदोलनरत पर्यावरण संरक्षण संघर्ष समिति और अन्य क्षेत्रवासी शामिल हुए। आंदोलनकारियों के मुताबिक प्रदुषण की जांच के लिए पहुंची  कमेटी के समक्ष  क्षेत्रवासियों द्वारा यह मांग रखी गई कि जांच सिर्फ प्रोफेसर स्तर के अधिकारियों से ही कराई जानी चाहिए। लेकिन इसके बाद जांच कमेटी का कोई भी सदस्य क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं दिया। इस पर क्षेत्रवासियों ने पुनः  जिलाधिकारी नैनीताल से मिलकर फैक्ट्री प्रदूषण की शीघ्र जांच कराने की मांग की गई। 


वहीं जिलाधिकारी नैनीताल सविन बंसल का कहना है कि लालकुआं, बिन्दुखत्ता के लोगों की प्रदूषण की शिकायत मिली है। उसके आधार पर जांच बिठा दी गई है, लोगों का कहना है कि नाले से बहने वाले पानी से उनकी खेती और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसकी हमने सैम्पलिंग करा ली है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी।पर्यावरण संरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े   आनंद गोपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि
लालकुआं एवं बिन्दुखत्ता क्षेत्र में लोग सेंचुरी पेपर मिल के जल, वायु और ध्वनि प्रदुषण से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग भी स्वच्छ वातावरण में रहकर जीना चाहते हैं। लेकिन सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन ने यहां का प्रर्यावरण प्रदूषित कर रखा है। जिसमें सांस लेने में भी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि वह इस बार प्रदूषण को समाप्त करा कर ही दम लेंगे

समाजसेवी हरीश बिशौती का आरोप है कि जब भी क्षेत्रवासी सेंचुरी पेपर मिल के प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन्हें मैनेज कर लिया जाता है और ना मानने वाले लोगों को तरह-तरह से धमकाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की लड़ाई फैक्ट्री के खिलाफ नहीं है। हम केवल प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं और इस बार प्रदुषण समाप्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


  • 👉सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल लालकुआं के जनसंपर्क अधिकारी जगमोहन उप्रेती ने बताया कि
    सेंचुरी पेपर मिल क्षेत्रवासियों के लिए तमाम विकास कार्य करती है। फैक्ट्री कई गरीब परिवारों का पालन-पोषण कर रही है। किसानों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर किसान गोष्ठियां कराई जाती हैं और निःशुल्क विभिन्न तरह के कैंप भी लगवाए जाते हैं। वहीं साफ पानी पिलाने के लिए फैक्ट्री द्वारा हैंडपंप भी लगवाए गए हैं। फैक्ट्री ने 50 शौचालय भी बनवाए हैं। इसके अलावा भी फैक्ट्री द्वारा क्षेत्र में समय-समय पर तमाम जनहित के कार्य करवाए जाते हैं।