ALL समाचार मनोरंजन खेल अध्यात्म देश दुनिया ब्रेकिंग राज्य ज्योतिष BUSINESS
गड़वाल आयुक्त ने किया हरिद्वार दौरा कुम्भ कार्यो की समीक्षा की
November 4, 2019 • सतोपथ एक्सप्रेस • ब्रेकिंग

आयुक्त गढ़वाल मण्डल श्री रविनाथ रमन ने मेला नियंत्रण कक्ष में आगामी महाकुंभ 2021 के लिए प्रस्तावित स्थायी एवं अस्थायी कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिये कि समस्त विभाग कुंभ मेला 2021 हेतु अपनी कार्ययोजना मेलाधिकारी को नवम्बर माह के अन्त तक सौंप दें। उन्होंने स्ट्रीट लाइट, पौधारोपण, सौंदर्यीकरण संबंधी कार्य समय से कराने के निर्देश दिये।
आयुक्त गढ़वाल ने गौरीशंकर द्वीप क्षेत्र में जंगली जानवरों के आक्रमण से बचाव हेतु सुरक्षा दीवार बनाये जाने की योजना बनाने तथा प्रस्तावित कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल देने के निर्देश दिये।
बैठक में जानकारी दी गयी कि आगामी महाकुंभ हेतु 145 करोड़ के कार्यों हेतु शासनादेश जारी हो गया है और 58 करोड़ की धन राशि अवमुक्त हो गई है।
सिंचाई विभाग के लिए 09 कार्यों हेतु 70 करोड़ रूपये के शासनादेश हो गया है। 27 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त की गयी है।
आयुक्त ने एनएचएआई द्वारा किये जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की, साथ ही सिंह द्वारा फ्लाई ओवर को डेढ़ माह में शुरू करने का निर्देश दिया।
बैठक से पूर्व आयुक्त गढ़वाल मण्डल श्री रविनाथ रमन ने आगामी महाकंुभ 2021 हेतु प्रस्तावित स्थायी एवं अस्थायी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी महाकुंभ के दृष्टिगत किये जाने वाले अस्थायी एवं स्थायी प्रकृति के कार्यों को पारदर्शी, गुणवत्तायुक्त एवं समयबद्ध ढंग से करें। अनावश्यक कार्य न करें। भीड को नियंत्रण करना चुनौती पूर्ण कार्य है, योजनाबद्ध ढंग से इसके लिए कार्य करें।
आयुक्त गढ़वाल ने बैरागी कैम्प, नील धारा, सतीघाट, दक्ष द्वीप, सिंहद्वार, कांवड़ पटरी, रानीपुर झाल, लाल पुल, पे्रमनगर आश्रम घाट, नवीन रामघाट आदि स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जटवाड़ा पुल के समीप स्थित जाहरवीर बाबा मंदिर के पास पौधारोपण भी किया।
बैठक में कुंभ मेलाधिकारी श्री दीपक रावत, अपर मेलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह, उपमेलाधिकारी गोपाल रावत, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त महेन्द्र यादव एवं सिंचाई, लोनिवि, विद्युत, पेयजल आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।