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देखिये कहाँ दिखे हिम तेंदुए के पद चिन्ह
February 25, 2020 • सतोपथ एक्सप्रेस • समाचार


जानिए कहाँ दिखे हिम तेंदुए के पद चिन्ह 

संजय कुँवर जोशीमठ

जोशीमठ : उत्तराखंड के चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दुर्लभ हिम तेंदुए (स्नो लैपर्ड) का कुनबा कई वर्षो से लगातार बढ़ रहा है।विश्व धरोहर फूलों कि घाटी  नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के समीप एकबार फिर से पार्क कर्मियों को गश्त के दौरान दुर्लभ हिम तेंदुओ के एक जोड़े के पग मार्क के निशान बर्फ मे दिखे है आप इन तस्वीरो में देख सकते है दुर्लभ हिम तेंदुए के पग मार्क के निशान,जिससे साफ ज़हीर हो रहा है कि इसबार फूलों कि घाटी नेशनल पार्क में वन्यजीव प्रेमियों को हिम तेंदुओ के एक नये जोड़े की धमक  दिखाई देगी,पार्क कर्मियों को आई ट्रैप केमरों कि बेटरी बदलने के दौरान फिर से बर्फ में स्नो लेपर्ड के पग मार्क दिखाई दिए जिन्हें वन कर्मियो नें अपने केमरों मे केद कर लिया,बता दे की नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को   वर्ष 2012में चीन सीमा पर स्थित हिमालयी क्षेत्र सुमना, मलारी, फूलों की घाटी और नीती क्षेत्रों में छह हिम तेंदुए विचरण करते दिखे।
गत वर्षों तक तीन हिम तेंदुए ही सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे। ऐसे में फूलों कि घाटी नेशनल पार्क प्रशासन ने वर्ष 2014के बाद हिम तेंदुओं की बढ़ती तादाद पर खुशी जताई है।
वर्षभर हिमालय की गोद में विचरण करने वाला हिम तेंदुआ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन के सीसीटीवी कैमरों में अलग-अलग स्थानों पर  एक बार फिर से दिखाई दे रहा है। इससे पार्क प्रशासन ने हिम तेंदुओं की संख्या बढ़ने का अंदाजा लगाया है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने हिम तेंदुओं की साइट ढूंढने के लिए एकबार फिर से लंबी दूरी की गश्त बढ़ा दी है। गत वर्ष केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के ऊखीमठ रेंज में भी वन कर्मियों को स्नो तेंदुए के पद चिन्ह मिले थे।
बता दें कि चमोली जिले की उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सबसे पहले वर्ष 1985 में हिम तेंदुआ देखा गया था। इसी दौरान सौखर्क में वनस्पतियों पर रिसर्च कर रहे एक विदेशी छात्र ने भी हिम तेंदुआ देखा था। नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व द्वारा वर्ष 2004 में की गई स्तनधारी प्रजातियों की गणना में अभी तक हिमालय क्षेत्र में कुल 4 से 5 हिम तेंदुओं का अप्रत्यक्ष प्रमाण मिला था,लेकिन अब इनकी संख्या डेढ़ दर्जन से अधिक बताई जा रही है,अब इन ट्रेप कैमरों से फिर से मिल रहे हिम तेंदुओं के पग मार्क के चित्रों से पार्क प्रबंधन को इनके निरंतर बढ़ने की उम्मीदें बढ़ गई है। दरअसल हिमाच्छादित क्षेत्रों में ही रहता है ये दुर्लभ हिम तेंदुआ करीब 3 फीट 3 इंच तक ऊंचाई वाले हिम तेंदुए 3500 मीटर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ही रहते हैं। यह भरड़, कस्तूरा मृग, थार जैसे वन्य जीवों के शिकार के लिए निचले क्षेत्रो में आते हैं। इसके संपूर्ण बदन पर सफेद और काले धब्बे होते हैं