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बचपन से जज बनाने का माता-पिता का सपना था
May 23, 2020 • सतोपथ एक्सप्रेस • समाचार

,वर्तमान में एलआईयू ऊधमसिंह नगर में अपनी मेहनत व लगन से सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल उधम सिंह नगर में अपनी सेवाएं दे रही हैं

(वंदना चौधरी के कैरियर पर रोशनी)

शाहिद खान उधम सिंह नगर
रुद्रपर:-आज हम आपको रूबरू कराते है रुद्रपुर के एसएसपी  ऑफिस के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल  में कार्यरत सब इंस्पेक्टर वंदना चौधरी से जिनका जीवन शुरू से ही काफी संघर्षपूर्ण रहा है। वंदना चौधरी के पिताजी उन्हें एक जज के रूप में देखना चाहते थे इसीलिए उन्होंने वंदना को एलएलबी और एलएलएम की शिक्षा दिलवाई। लेकिन वंदना के सपने कुछ और ही थे । वंदना ने दूरदर्शन पर आने वाले उड़ान सीरियल को देख कर मन में पुलिस की वर्दी के सपने सजा रही थी। वंदना चौधरी पुलिस में भर्ती होने से पहले से ही IPS कंचन चौधरी पूर्व डीजीपी की pen friend रही हैं, अतः वंदना चौधरी ने अपने सपनों को वास्तविक रूप दिया और वर्ष 2006 में  बतौर कांस्टेबल भर्ती हो गई और 2006  में उसी साल उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर फिल्लौर में रहकर विभागीय रूप से M.A. in police administration में अपना शिक्षा शुरू की और 2007 में पूरी कर ली। इस पूरे सेशन में इन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया एवं उत्तराखंड को गौरान्वित किया। उक्त एजुकेशन के बारे में पंजाब पुलिस के डीजीपी के द्वारा अपनी पत्रिका में कॉन्स्टेबल के बारे में उनकी एजुकेशन पर चौथा स्थान के बारे में छापा गया और वंदना के सर्टिफिकेट डीजीपी उत्तराखंड को प्राप्त कराएं। इस पर पहली पोस्टिंग वंदना को रुद्रप्रयाग में मिली। शुरू से ही होनहार होने के कारण वंदना को अच्छे कार्यों के चलते जनपद रुद्रप्रयाग में पर्यटन पुलिस की ट्रेनिंग के बाद रुद्रप्रयाग में केदारनाथ/ फाटा/गौरीकुंड जैसी जगहों पर पर्यटन पुलिस में काम दिया गया जिसकी सराहना वहां उस समय रहे एसपी   नीलेश आनंद भरणे द्वारा की गई और पारितोषिक से भी सम्मानित किया गया। इसके बाद वंदना चौधरी के द्वारा सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में बतौर मास्टर ट्रेनर सीसीटीएनएस में काम किया इस प्रोजेक्ट के तहत वंदना ने रुद्रप्रयाग में रहकर सभी कॉन्स्टेबल व si को बेसिक कंप्यूटर की शिक्षा दी। सीसीटी एनएस के कार्यों से खुश होकर तत्कालीन एसपी वीकेएस कार्की ने प्रशस्ति पत्र से वंदना को सम्मानित भी किया, उसके बाद वंदना की पोस्टिंग जिला उधमसिंह नगर में हो गई जहां बतौर कॉन्स्टेबल  सीसीटीएनएस कार्यालय में कार्य शुरू कर दिया और अपनी लगन के दम पर कार्यालय में पिछले 10 साल का क्राइम रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने में अपनी सहभागिता दी। Cctns प्रोजेक्ट के अंतर्गत उनके द्वारा CAS सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग यहां पर कांस्टेबल्स और सब इंस्पेक्टर्स को दी गई। जिससे खुश होकर ऊधम सिंह नगर के तत्कालीन एसएसपी नीलेश आनंद भरणे द्वारा उन्हें फिर प्रशस्ति पत्र दिया गया।

 वहीं सीसीटीएनएस कार्यालय में अच्छे कार्य के चलते तत्कालीन एसएसपी रिद्धिमअग्रवाल द्वारा भी उन्हें अच्छे कार्य हेतु Reward दिया गया, इसके बाद वंदना चौधरी का सिलेक्शन वर्ष 2015 में  एलआईयू में  ऊधमसिंह नगर में उन्हें विदेशी पंजीकरण कार्यालय में हुआ। कार्यालय में अच्छा काम करने हेतु आईपीएस ताकवाले एवं एडिशनल एसपी देवेन्द्र पिंचा के द्वारा कई बार पारितोषिक किया जा चुका है। फिर एलआईयू में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन मुख्यालय स्तर से किया गया जिसमें वंदना चौधरी को जनपद ऊधमसिंह नगर की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस सेल में  वंदना द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल में इतनी अच्छी मॉनिटरिंग की गई  उनके कार्यों से खुश होकर इंट मुख्यालय स्तर से डीजी  अशोक कुमार एवं एसएसपी बरिन्दरजीत सिंह द्वारा इन्हें पूर्व में भी  पुरस्कृत किया जा चुका है 
       गत वर्ष 2013 में वंदना चौधरी के पिताजी की हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हुई,पिता जी की मृत्यु ने वंदना को हिला कर रख दिया! इससे वंदना के मन में अपने पापा का सपना  पूरा करने की टीस रहने लगी,वंदना के पापा उसे हमेशा एक अधिकारी पोस्ट कर देखना चाहते थे। वंदना पारिवारिक एवं विभागीय जिम्मेदारियों में इतना फंस चुकी थी कि जज की तैयारी करना अब नामुमकिन था अतः वह विभागीय रूप से ही अच्छी पोस्ट पर जाकर अपने पिताजी का सपना पूरा करना चाहते थी। लेकिन इन सब के बावजूद भी वंदना के मन में टीस रहती थी कि वह जज नहीं बन पाई लेकिन अपने विभाग में बड़े पदों तक जाना है। फिर वंदना ने सब- इंस्पेक्टर बनने का सपना देखा और सन 2011-12 में एसआई की भर्ती का एग्जाम दिया जो पहले ही अटेंप्ट में written में क्वालीफाई कर लिया लेकिन फिजिकल में कुछ seconds के अंतर से दौड़ में बहार हो गई। अभी भी वंदना ने हार नहीं मानी थी,कुछ समय बाद सन 2015 में दोबारा एग्जाम दिया  और उन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली थी लेकिन उसका रिजल्ट कुछ कारणों के रुक गया था 2017 में फाइनल दौड़ के लिए कॉल आई उस समय वंदना 2 मंथ की प्रेग्नेंट थी उसके बावजूद उनके हौसले नहीं डगमगाए वंदना बताती है कि मम्मी और पति  ने उनका हौसला बढ़ाया और आखिरकार उन्होंने प्रेग्नेंट होते हुए भी 3 किलोमीटर की रेस पूरी कर ली और बतौर सब इंस्पेक्टर जिस दिन उनका बेटा हुआ उसी दिन उनका सिलेक्शन एसआई पद पर हुआ  जिसमें उन्हें उत्तराखंड में तीसरा स्थान मिला ।
      वही पुलिस मैं भर्ती होने के बाद भी वंदना ने प्रयास करना नहीं छोड़ा और सब इंस्पेक्टर बनने के बावजूद भी सन 2017 में एपीओ उत्तराखंड का एग्जाम भी क्वालीफाई कर लिया लेकिन मेन Exam में डिलीवरी होने के कारण नहीं जा पाई और आज वंदना एसएसपी कार्यालय ऊधमसिंह नगर में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल मैं सेवाएं दे रही हैं । जहां फिर से उनको सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु कोरोना वॉरियर्स के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर बरिंदर जीत सिंह सर के द्वारा सम्मानित किया गया।

*बचपन से जज बनाने का माता-पिता का सपना था,वर्तमान में एलआईयू ऊधमसिंह नगर में अपनी मेहनत व लगन से सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल उधम सिंह नगर में अपनी सेवाएं दे रही हैं*

(वंदना चौधरी के कैरियर पर रोशनी)

शाहिद खान उधम सिंह नगर
रुद्रपर:-आज हम आपको रूबरू कराते है रुद्रपुर के एसएसपी  ऑफिस के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल  में कार्यरत सब इंस्पेक्टर वंदना चौधरी से जिनका जीवन शुरू से ही काफी संघर्षपूर्ण रहा है। वंदना चौधरी के पिताजी उन्हें एक जज के रूप में देखना चाहते थे इसीलिए उन्होंने वंदना को एलएलबी और एलएलएम की शिक्षा दिलवाई। लेकिन वंदना के सपने कुछ और ही थे । वंदना ने दूरदर्शन पर आने वाले उड़ान सीरियल को देख कर मन में पुलिस की वर्दी के सपने सजा रही थी। वंदना चौधरी पुलिस में भर्ती होने से पहले से ही IPS कंचन चौधरी पूर्व डीजीपी की pen friend रही हैं, अतः वंदना चौधरी ने अपने सपनों को वास्तविक रूप दिया और वर्ष 2006 में  बतौर कांस्टेबल भर्ती हो गई और 2006  में उसी साल उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर फिल्लौर में रहकर विभागीय रूप से M.A. in police administration में अपना शिक्षा शुरू की और 2007 में पूरी कर ली। इस पूरे सेशन में इन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया एवं उत्तराखंड को गौरान्वित किया। उक्त एजुकेशन के बारे में पंजाब पुलिस के डीजीपी के द्वारा अपनी पत्रिका में कॉन्स्टेबल के बारे में उनकी एजुकेशन पर चौथा स्थान के बारे में छापा गया और वंदना के सर्टिफिकेट डीजीपी उत्तराखंड को प्राप्त कराएं। इस पर पहली पोस्टिंग वंदना को रुद्रप्रयाग में मिली। शुरू से ही होनहार होने के कारण वंदना को अच्छे कार्यों के चलते जनपद रुद्रप्रयाग में पर्यटन पुलिस की ट्रेनिंग के बाद रुद्रप्रयाग में केदारनाथ/ फाटा/गौरीकुंड जैसी जगहों पर पर्यटन पुलिस में काम दिया गया जिसकी सराहना वहां उस समय रहे एसपी   नीलेश आनंद भरणे द्वारा की गई और पारितोषिक से भी सम्मानित किया गया। इसके बाद वंदना चौधरी के द्वारा सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में बतौर मास्टर ट्रेनर सीसीटीएनएस में काम किया इस प्रोजेक्ट के तहत वंदना ने रुद्रप्रयाग में रहकर सभी कॉन्स्टेबल व si को बेसिक कंप्यूटर की शिक्षा दी। सीसीटी एनएस के कार्यों से खुश होकर तत्कालीन एसपी वीकेएस कार्की ने प्रशस्ति पत्र से वंदना को सम्मानित भी किया, उसके बाद वंदना की पोस्टिंग जिला उधमसिंह नगर में हो गई जहां बतौर कॉन्स्टेबल  सीसीटीएनएस कार्यालय में कार्य शुरू कर दिया और अपनी लगन के दम पर कार्यालय में पिछले 10 साल का क्राइम रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने में अपनी सहभागिता दी। Cctns प्रोजेक्ट के अंतर्गत उनके द्वारा CAS सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग यहां पर कांस्टेबल्स और सब इंस्पेक्टर्स को दी गई। जिससे खुश होकर ऊधम सिंह नगर के तत्कालीन एसएसपी नीलेश आनंद भरणे द्वारा उन्हें फिर प्रशस्ति पत्र दिया गया।

 वहीं सीसीटीएनएस कार्यालय में अच्छे कार्य के चलते तत्कालीन एसएसपी रिद्धिमअग्रवाल द्वारा भी उन्हें अच्छे कार्य हेतु Reward दिया गया, इसके बाद वंदना चौधरी का सिलेक्शन वर्ष 2015 में  एलआईयू में  ऊधमसिंह नगर में उन्हें विदेशी पंजीकरण कार्यालय में हुआ। कार्यालय में अच्छा काम करने हेतु आईपीएस ताकवाले एवं एडिशनल एसपी देवेन्द्र पिंचा के द्वारा कई बार पारितोषिक किया जा चुका है। फिर एलआईयू में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन मुख्यालय स्तर से किया गया जिसमें वंदना चौधरी को जनपद ऊधमसिंह नगर की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस सेल में  वंदना द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल में इतनी अच्छी मॉनिटरिंग की गई  उनके कार्यों से खुश होकर इंट मुख्यालय स्तर से डीजी  अशोक कुमार एवं एसएसपी बरिन्दरजीत सिंह द्वारा इन्हें पूर्व में भी  पुरस्कृत किया जा चुका है 
       गत वर्ष 2013 में वंदना चौधरी के पिताजी की हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हुई,पिता जी की मृत्यु ने वंदना को हिला कर रख दिया! इससे वंदना के मन में अपने पापा का सपना  पूरा करने की टीस रहने लगी,वंदना के पापा उसे हमेशा एक अधिकारी पोस्ट कर देखना चाहते थे। वंदना पारिवारिक एवं विभागीय जिम्मेदारियों में इतना फंस चुकी थी कि जज की तैयारी करना अब नामुमकिन था अतः वह विभागीय रूप से ही अच्छी पोस्ट पर जाकर अपने पिताजी का सपना पूरा करना चाहते थी। लेकिन इन सब के बावजूद भी वंदना के मन में टीस रहती थी कि वह जज नहीं बन पाई लेकिन अपने विभाग में बड़े पदों तक जाना है। फिर वंदना ने सब- इंस्पेक्टर बनने का सपना देखा और सन 2011-12 में एसआई की भर्ती का एग्जाम दिया जो पहले ही अटेंप्ट में written में क्वालीफाई कर लिया लेकिन फिजिकल में कुछ seconds के अंतर से दौड़ में बहार हो गई। अभी भी वंदना ने हार नहीं मानी थी,कुछ समय बाद सन 2015 में दोबारा एग्जाम दिया  और उन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली थी लेकिन उसका रिजल्ट कुछ कारणों के रुक गया था 2017 में फाइनल दौड़ के लिए कॉल आई उस समय वंदना 2 मंथ की प्रेग्नेंट थी उसके बावजूद उनके हौसले नहीं डगमगाए वंदना बताती है कि मम्मी और पति  ने उनका हौसला बढ़ाया और आखिरकार उन्होंने प्रेग्नेंट होते हुए भी 3 किलोमीटर की रेस पूरी कर ली और बतौर सब इंस्पेक्टर जिस दिन उनका बेटा हुआ उसी दिन उनका सिलेक्शन एसआई पद पर हुआ  जिसमें उन्हें उत्तराखंड में तीसरा स्थान मिला ।
      वही पुलिस मैं भर्ती होने के बाद भी वंदना ने प्रयास करना नहीं छोड़ा और सब इंस्पेक्टर बनने के बावजूद भी सन 2017 में एपीओ उत्तराखंड का एग्जाम भी क्वालीफाई कर लिया लेकिन मेन Exam में डिलीवरी होने के कारण नहीं जा पाई और आज वंदना एसएसपी कार्यालय ऊधमसिंह नगर में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल मैं सेवाएं दे रही हैं । जहां फिर से उनको सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु कोरोना वॉरियर्स के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर बरिंदर जीत सिंह सर के द्वारा सम्मानित किया गया।